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इश्क के चादर में

ये  क्या जादू किया तुमने ?  बिखरा बजूद था मेरा कबसे,  आ कर  तुमने  इश्क के चादर में,  समेट लिया मुझे कैसे  ?  फकीर   था, सहसा  शहंशा  बना दिया  तुमने !