शिव संकल्प है , सती समर्पण है !
जिस स्त्री की, प्रेम की प्रतीक्षा, पार्वती जैसी हो, समर्पण सती जैसी हो, उन्हें शिव जैसा पुरुष मिलता है ! पुरुष तुम्हे ...? तुम्हे, संकल्प ले कर, सत्य को खोजना है, समाधिस्थ होने तक, प्रकृति स्वमेव, तुम्हें पार्वती प्रदान करेगी !